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Bhubaneswar भुवनेश्वर: ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने शनिवार को राज्य विधानसभा को बताया कि पुरी के जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार में रखे कीमती सामानों की सूची खजाने में चल रहे मरम्मत कार्य के पूरा होने के बाद बनाई जाएगी। बीजद विधायक तुषारकांति बेहरा के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्री ने कहा कि रत्न भंडार को राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत दिशा-निर्देशों के अनुसार 14 जुलाई 2024 को खोला गया था। उन्होंने कहा कि खजाने से आभूषणों को स्थानांतरित करने के बाद एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) द्वारा मरम्मत का काम चल रहा है। मंत्री ने कहा, "मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद आभूषणों की सूची बनाई जाएगी। उसके बाद ही आभूषणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जा सकेगी।"
उन्होंने कहा कि रत्न भंडार में रखे कीमती सामानों की पिछली सूची 13 मई से 23 जुलाई 1978 के बीच बनाई गई थी। सदन को दिए एक अन्य लिखित बयान में हरिचंदन ने कहा कि पुराने भूमि अभिलेखों से एकत्र आंकड़ों से पता चलता है कि ओडिशा के 30 में से 24 जिलों में श्री जगन्नाथ महाप्रभु बिजे, पुरी के नाम पर कुल 60,426.943 एकड़ जमीन है। उन्होंने कहा कि इन जमीनों में से 38,061.892 एकड़ जमीन वर्तमान में श्री जगन्नाथ महाप्रभु बिजे, पुरी के नाम पर अधिकार अभिलेख में है। मंत्री ने आगे कहा कि मंदिर को वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान राज्य में उपलब्ध भू-संपत्तियों से 33.02 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। इसी तरह, पुरी तहसील में 259 भूखंडों में फैली श्री जगन्नाथ महाप्रभु बिजे, पुरी की 607.760 एकड़ जमीन पुरी में प्रस्तावित वेदांत विश्वविद्यालय के लिए अधिग्रहित की गई है और इसके लिए मंदिर कार्यालय को 8.80 करोड़ रुपये मिले हैं।
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